तिरुपति लड्डू में पशु वसा की मिलावट को लेकर बढ़ते विवाद में केंद्र सरकार का हस्तक्षेप हुआ है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि उनके पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने तिरुमाला-तिरुपति मंदिर के प्रसाद लड्डू में घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। इस लड्डू को लाखों भक्त पवित्र प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
क्या है विवाद?
आरोपों के अनुसार, लड्डू में इस्तेमाल किए गए घी में “बीफ टैलो” (गाय की चर्बी), “लार्ड” (सूअर की चर्बी) और “फिश ऑयल” की मिलावट पाई गई। यह दावा गुजरात के आनंद स्थित नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) की लैब रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। लैब द्वारा 9 जुलाई को सैंपल प्राप्त हुआ और 16 जुलाई को रिपोर्ट आई, जो नायडू के मुख्यमंत्री बनने के बाद की तारीखें थीं।
केंद्रीय हस्तक्षेप
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू से इस मामले पर बात की है और उनसे रिपोर्ट मांगी है। नड्डा ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसकी जांच FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के तहत की जाएगी।
केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस मामले की जांच की मांग की है और कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तो दोषियों को फांसी देने तक की मांग की है।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की प्रतिक्रिया
TTD के अधिकारी जे. श्यामला राव ने पुष्टि की कि लैब परीक्षणों में लड्डुओं में पशु वसा और लार्ड की उपस्थिति पाई गई है। उन्होंने बताया कि जिस सप्लायर ने मिलावटी घी की आपूर्ति की थी, उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। TTD ने घी सप्लायर AR डेयरी को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया और कहा कि अब Nandini ब्रांड का घी खरीदा जा रहा है, जिसे कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) सप्लाई कर रही है।
राव ने कहा कि मंदिर में अब कभी भी आपूर्ति किए जाने वाले घी की लैब में नियमित जांच की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इसके लिए मंदिर परिसर में ही एक अत्याधुनिक लैब स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।
राजनीतिक टकराव
इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। नायडू ने रेड्डी पर घटिया घी की खरीद के आरोप लगाए हैं, जबकि रेड्डी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। रेड्डी ने कहा कि यह उनके खिलाफ एक साजिश है और नायडू ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। रेड्डी ने इस मामले पर प्रधानमंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने की बात कही है।
मंदिर की पृष्ठभूमि
तिरुमाला-तिरुपति मंदिर भारत का सबसे धनी मंदिर है, जो हर दिन लगभग 90,000 भक्तों को आकर्षित करता है। यहां का प्रसाद लड्डू प्रसिद्ध है और हर महीने लगभग एक करोड़ लड्डू बेचे जाते हैं। लड्डू में बूंदी, गुड़, बादाम, काजू, किशमिश आदि का इस्तेमाल होता है। लड्डुओं की वार्षिक बिक्री से मंदिर को लगभग 500 करोड़ रुपये की आय होती है।
घी की खरीद
घी की आपूर्ति में हमेशा से चुनौतियां रही हैं। पहले KMF (कर्नाटक मिल्क फेडरेशन) तिरुमाला को घी सप्लाई करता था, लेकिन 2019 में निजी सप्लायरों से कम कीमत पर घी मिलने के बाद KMF ने बोली प्रक्रिया में भाग लेना बंद कर दिया। AR डेयरी ने ₹418 प्रति लीटर की बेस प्राइस के मुकाबले ₹320 प्रति लीटर की दर से घी की आपूर्ति की थी। हालांकि, अब इसे ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
आगे की कार्रवाई
TTD ने कहा है कि मंदिर में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अपने कर्मचारियों को CFTRI (सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही, एक नई लैब मशीन लगाने की भी योजना है, जिसकी लागत ₹75 लाख होगी।
इस मामले ने धार्मिक और राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है, और अब केंद्र सरकार ने मामले की जांच का आदेश दिया है।