दिल्ली विधानसभा LIVE: सियासत की गली में ईमान बिक रहा था…; जब AAP की शराब नीति पर दिखा सतीश उपाध्याय का शायराना अंदाज

दिल्ली विधानसभा का सत्र का गुरुवार का तीसरा दिन है. आज सदन में बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय आप को शराब नीति के मुद्दे पर घेर रहे हैं. बता दें कि पहले विधानसभा का यह सत्र तीन दिन चलना था लेकिन अब इस सत्र को 3 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है. 25 फरवरी को सदन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शराब नीति पर CAG की रिपोर्ट पेश की थी. इसपर स्पीकर ने विरेंद्र गुप्ता ने कहा था कि इस रिपोर्ट को पिछली सरकार ने काफी देर तक रोककर रखा था. वहीं आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों को 25 फरवरी के सदन में दिनभर के लिए निष्कासित कर दिया गया था. इसके साथ ही आप दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का भी चुनाव किया जाएगा.

नई शराब नीति के बाद हुए आंदोलनों में कई लोगों पर झूठे मुकदमें किए गए – जितेंद्र महाजन
बीजेपी विधायक जितेंद्र महाजन ने शराब नीति पर कहा, यह वो नीति थी, जिसने दिल्ली के अंदर लोगों का जीना हराम कर दिया. जगह-जगह शराब के ठेके खोलते वक्त मंदिर, गुरुद्वारा, स्कूल किसी भी चीज का ध्यान नहीं रखा गया और इस शराब नीति के अंदर जो भ्रष्टाचार में 2 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ. घटिया क्वालिटी की शराब बेची गई और शराब माफियाओं का कमीशन 12 प्रतिशत कर दिया गया था. रोहताश नगर विधानसभा एक ऐसी विधानसभा, जहां सबसे पहले इसे लेकर आंदोलन शुरू हुआ था. इस शराब आंदोलन के दौरान हम लोगों पर झुठे मुकदमें किए गए. आज भी रोहताश नगर विधानसभा में बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनके ऊपर झूठे मुकदमें लगाए गए. मैं सदन से कहता हूं कि इन मुकदमों को जल्द से जल्द खत्म कराया जाए.

सियासत की गली में ईमान बिक रहा था…; शराब नीति को लेकर AAP पर सतीश उपाध्याय ने शायरान अंदाज में बोला हमला
बीजेपी विधायक सतीश उपाध्याय ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब आप सत्ता में आई इन्होंने खुद को ईमानदार और पारदर्शी पार्टी कहा था. लेकिन अब ये पार्टी भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई. सियासत की गली में ईमान बिक रहा था, जो पहरेदार था वो चोर दिख रहा था. शराब की बोतल में इरादे घुल गए, जनता की दौलत से शीशमहल संवर रहा था. ये वहीं पार्टी जो ईमानदारी और पारदर्शिता के दावे करती थी. लेकिन आज भ्रष्टाचार के दलदल में अंतर तक डूबी हुई है. कैग ने दिल्ली की शराब नीति अनियमितता औऱ भ्रष्टाचार को उजागर किया है. इस नीति से दिल्ली को 2002 से अधिका का नुकसान हुआ. ये दिल्ली के लिए भारी नुकसान था. लाइसेंस के लिए नियमों में उल्लंघन किया गया.

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