मुंबई: Bollywood News
देशभक्ति वाली फिल्में ,मतलब मनोज कुमार. 15 अगस्त और 26 जनवरी पर बजने वाले देशभक्ति गीतों को याद करेंगे तो ज्यादातर में मनोज कुमार मिलेंगे. बॉलिवुड में वह ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर हो गए. चेहरे पर हाथ फेरती उनकी अदा की दीवानी एक पूरी पीढ़ी रही. शुक्रवार सुबह मनोज कुमार हमेशा के लिए खामोश हो गए. बॉलिवुड सदमे हैं और उनके चाहने वाले उनके गीतों को गुनगुना रहे हैं. जानिए मनोज कुमार को किस तरह याद कर रहा है जमाना…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मशहूर अभिनेता एवं फिल्म निर्माता मनोज कुमार को शुक्रवार को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का आदर्श बताया. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘दिग्गज अभिनेता एवं फिल्म निर्माता मनोज कुमार जी के निधन से बहुत दुखी हूं. वह भारतीय सिनेमा के आदर्श थे जिन्हें देशभक्ति की उनकी भावना के लिए विशेष रूप से याद किया जाता था और यह उनकी फिल्मों में भी झलकता था.” पीएम मोदी ने कहा कि कुमार की फिल्मों ने राष्ट्रीय गौरव की भावना को जगाया और ये पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी.
दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित कुमार का शुक्रवार तड़के मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 87 वर्ष के थे. उन्हें ‘शहीद’, ‘उपकार’ एवं ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी देशभक्ति की लोकप्रिय फिल्मों के लिए ‘भारत कुमार’ के नाम से भी जाना जाता था.
भारत का रहने वाला हूं… केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की श्रद्धांजलि
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “मनोज कुमार जी एक बहुमुखी अभिनेता थे, जिन्हें हमेशा देशभक्ति से भरपूर फिल्में बनाने के लिए याद किया जाएगा. ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर, ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी फिल्मों में उनके अविस्मरणीय अभिनय ने हमारी संस्कृति को समृद्ध किया है और उन्हें पीढ़ियों से लोगों का प्रिय बनाया है. उनकी सिनेमाई विरासत उनके कामों के जरिए जिंदा रहेगी. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं. ओम शांति.”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “चार दशकों के करियर में, प्रखर अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार जी ने देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव पर बनी अपनी फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता. पद्मश्री से सम्मानित मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ के नाम से जाना जाता था और उनकी ‘शहीद’ और ‘उपकार’ जैसी फिल्मों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का ध्यान आकर्षित किया था. हम उनके निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और लाखों प्रशंसकों के साथ हैं.
“हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे”
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “बॉलीवुड में भारतीयता का दूसरा नाम रहे मनोज कुमार जी के निधन पर मन व्यथित है. अपने अभिनय से उन्होंने दशकों तक हमारा दिल जीता था और आगे भी वो हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे. मैं प्रभु श्रीराम से उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना करता हूं.”
“निधन का समाचार अत्यंत दुखद”
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. लिखा, “भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं. जैसे अमर गीत और देशभक्ति से भरी फ़िल्मों के माध्यम से हर भारतीय के दिल में देश प्रेम जगाने वाले मनोज कुमार जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. देश को ‘भारत’ के रूप में जीने वाले इस महान कलाकार को विनम्र श्रद्धांजलि.”
पूरी इंडस्ट्री उन्हें याद करेगी: अशोक पंडित
मनोज कुमार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने कहा, “महान दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता, हमारे प्रेरणास्रोत और भारतीय फिल्म उद्योग के ‘शेर’ मनोज कुमार जी अब हमारे बीच नहीं रहे. यह उद्योग के लिए बहुत बड़ी क्षति है और पूरी इंडस्ट्री उन्हें याद करेगी.
मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी था, इनका जन्म 24 जुलाई, 1937 को एबटाबाद में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है.विभाजन के कारण उनका परिवार दिल्ली आ गया था और इस दौरान उन्हें शरणार्थी शिविर में रहना पड़ा था. तब उनकी उम्र 10 साल थी.बाद में गोस्वामी परिवार राजधानी के पटेल नगर इलाके में बस गया.अभिनेता मनोज कुनार ने हिंदू कॉलेज से डिग्री हासिल की है.साल 1949 में उन्होंने अपना नाम मनोज कुमार रखा लिया था. दरअसल उनके पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार ने फिल्म शबनम में इसी नाम का किरदार निभाया था.साल 1960 में आई कांच की गुड़िया उनकी पहली मुख्य भूमिका वाली फिल्म थी.मनोज कुमार और उनकी पत्नी शशि के दो बेटे हैं, विशाल और कुणाल.